{"componentChunkName":"component---src-templates-verse-by-verse-template-tsx","path":"/2/120","result":{"pageContext":{"data":"{\"languageCode\":\"hi\",\"chapterNumber\":2,\"verseNumber\":120,\"verses\":[{\"translationCode\":\"hi-farooq\",\"translator\":\"Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed  \",\"translationName\":\"फ़ारूक़ ख़ान & अहमद\",\"text\":\"न यहूदी तुमसे कभी राज़ी होनेवाले है और न ईसाई जब तक कि तुम अनके पंथ पर न चलने लग जाओ। कह दो, \\\"अल्लाह का मार्गदर्शन ही वास्तविक मार्गदर्शन है।\\\" और यदि उस ज्ञान के पश्चात जो तुम्हारे पास आ चुका है, तुमने उनकी इच्छाओं का अनुसरण किया, तो अल्लाह से बचानेवाला न तो तुम्हारा कोई मित्र होगा और न सहायक\"},{\"translationCode\":\"hi-hindi\",\"translator\":\"Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi\",\"translationName\":\"फ़ारूक़ ख़ान & नदवी\",\"text\":\"और (ऐ रसूल) न तो यहूदी कभी तुमसे रज़ामंद होगे न नसारा यहाँ तक कि तुम उनके मज़हब की पैरवी करो (ऐ रसूल उनसे) कह दो कि बस खुदा ही की हिदायत तो हिदायत है (बाक़ी ढकोसला है) और अगर तुम इसके बाद भी कि तुम्हारे पास इल्म (क़ुरान) आ चुका है उनकी ख्वाहिशों पर चले तो (याद रहे कि फिर) तुमको खुदा (के ग़ज़ब) से बचाने वाला न कोई सरपरस्त होगा न मददगार\"}],\"textArabic\":\"وَلَنْ تَرْضَىٰ عَنْكَ الْيَهُودُ وَلَا النَّصَارَىٰ حَتَّىٰ تَتَّبِعَ مِلَّتَهُمْ ۗ قُلْ إِنَّ هُدَى اللَّهِ هُوَ الْهُدَىٰ ۗ وَلَئِنِ اتَّبَعْتَ أَهْوَاءَهُمْ بَعْدَ الَّذِي جَاءَكَ مِنَ الْعِلْمِ ۙ مَا لَكَ مِنَ اللَّهِ مِنْ وَلِيٍّ وَلَا نَصِيرٍ\"}"}},"staticQueryHashes":[]}